skip to main
|
skip to sidebar
Methinks
कोई
हमदर्द
होता
नहीं
सिर्फ़
हम
होते
हें
दो
पल
हम
साथ
चलते
है
फिर
अलग
हो
लेते
हें
हर
किसी
को
अपनी
मंजिल
बुलाती
है
फिर
हम
..
हम
और
वो
..
वो
हो
लेते
हैं
होंशलें
बुलंद
हो
तो
कुछ
थमता
नहीं
यकीन
अडीक
हो
तो
रास्ता
रुकता
नहीं
कोशिश
तो
करो
आगे
बढ़ने
कि
शायद
कामयाबी
ही
तुम्हें
चूम
ले
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)
Links
Hindipad